भावान्तर भरपाई योजना हरियाणा – किसानों की सब्जियों का आधार मूल्य होगा निर्धारित

हरियाणा की राज्य सरकार ने फसलों की कीमतों में कमी को कवर करने के लिए किसानों के लिए भावान्तर भरपाई योजना शुरू की है। यह योजना सुनिश्चित करेगी कि सब्जी के लिए आधार मूल्य (न्यूनतम समर्थन मूल्य) तय हो। योजना के तहत सरकार किसानों को मुआवजा (भरपाई) मुहैया कराएगी यदि वे अपनी सब्ज़ियों को निश्चित आधार मूल्य से नीचे बेचते हैं। हरियाणा सरकार 1 जनवरी 2018 से इस सरकारी योजना को लागू करना शुरू करेगी।

भावान्तर भरपाई योजना के प्रारंभिक चरण में सरकार 4 फसलों (आलू, प्याज, टमाटर, फूलगोभी) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनके उपज को बेचने में संकट का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, सरकार खेती की लागत के बराबर आधार मूल्य तय करेगी।

सरकार 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लिए भावान्तर भरपाई योजना का शुभारंभ करेगी।

भावान्तर भरपाई योजना

इस योजना की कुछ महत्वपूर्ण और मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं: –

  • हरियाणा सरकार की यह योजना सुनिश्चित करेगी की किसानों को उनके सब्जियों के उत्पादन के लिए कितना उचित मूल्य मिलना चाहिए।
  • सरकार खेती की लागत के बराबर आधार मूल्य तय करेगी।
  • इसके अलावा, राज्य सरकार फसलों के परिवर्तन पर जोर देती है जिससे कि, किसानों को उनके फलों, सब्जियों और फूलों को बेचने के लिए दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) बाजारों तक पहुंच प्राप्त हो।
  • सरकार कृषि उद्देश्यों के लिए पेरी-शहरी कृषि को भी अपनाने की योजना बना रही है।
  • इस तरह की खेती से पारंपरिक खेती की तुलना में किसान ज्यादा पैसा कमा सकते हैं।
  • किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत पर अपने उत्पादों को नहीं बेचना होगा। अगर उन्हें करना है, तो सरकार मूल्य (भाव) में घाटे (अंतर) के बराबर मुआवजा (भरपाई) प्रदान करेगी।
  • इसके अलावा, किसानों को निकटवर्ती इलाकों में मौषम के अनुसार मांग में आने वाली फसलों का उत्पादन करना चाहिए क्योंकि कृषि उत्पाद कम समय में ही क्षय हो जाते हैं।

हरियाणा सरकार द्वारा कुल खेती योग्य क्षेत्र का 25% बागवानी के तहत लाने के लिए विशेष जोर दिया जाएगा। इसी कारण से, राज्य सरकार गन्नौर और सोनीपत में करीब 500 एकड़ जमीन वाले एक अंतरराष्ट्रीय वनस्पति और फलों के बाजार का निर्माण करेगी। इसके अलावा, सरकार बागवानी खेती को बढ़ावा देने के लिए गुरुग्राम में एक फूल बाजार भी शुरू करेगी।

इस्रो-इजराइल परियोजना के तहत, राज्य सरकार ने विभिन्न फलों और सब्जियों के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया है। इसके अलावा, सरकार जल्द ही अन्य समान परियोजनाओं को दूध उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए भी शुरू करेगी। यह भावान्तर भरपाई योजना, उनके परिश्रम के अनुसार उन्हें धन उपलब्ध कराने के माध्यम से पूरे राज्य में किसानों की स्थिति में सुधार करेगी। इसके अलावा, यह योजना किसानों के जीवन स्तर को बढ़ाएगी और अपनी आजीविका अर्जित करने के अवसर देगी।

Related Content
Disclaimer & Notice: This is not the official website for any government scheme nor associated with any Govt. body. Please do not treat this as official website and do not leave your contact information in the comment below.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.