प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना – 20 लाख किसानों के लिए 5.5 लाख नए रोजगार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2017 में प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना शुरू करी थी। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना पूरी तरह से कृषि केंद्रित योजना है। इस सरकारी योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि का नई-नई तकनीकों की सहायता से आधुनिकरण करना और कृषि में हो रही बर्बादी को रोकना है। इस योजना के सुचारु रूप से चलाने के लिए मोदी सरकार ने 6,000 करोड़ रूपये आवंटित किए थे।

यह योजना खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (Ministry of Food Processing Industries – MoFPI) द्वारा लागू हुई थी। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने चंडीगढ़ में भारतीय उद्योग परिसंघ (Confederation of Indian Industry – CII) द्वारा केंद्रीय कृषि मंत्रालय के सहयोग से आयोजित चार दिवसीय “सीआईआई एग्रो टेक इंडिया के 13 वें संस्करण” के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित किया।

जिससे एग्रोप्रोसेसिंग क्लस्टरों के फार्वर्ड एवं बैकवर्ड लिंकेज पर कार्य करके फूड प्रौसेसिंग क्षमताओं का विकास किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY)

PM किसान संपदा योजना एक कंप्लीट पैकेज है जिसके परिणामस्वरूप कृषि क्षेत्र से रीटेल आउटलेट तक कुशल सप्लाई चैन मैनेजमेंट के साथ-2 आधुनिक आधारभूत संरचना का निर्माण भी होगा। यह योजना न केवल देश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देगा बल्कि किसानों को बेहतर रिटर्न प्रदान करने और किसानों की आमदनी को दोगुना करने में भी मदद करेगी।

इस योजना का उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में भारी रोजगार के अवसर पैदा करना, बर्बादी को कम करना, कृषि उपज, प्रोसेसिंग लेवल में वृद्धि और संसाधित खाद्य पदार्थों के निर्यात में वृद्धि करना है।

Pradhan Mantri Kisan Sampada Yojana में 31,400 करोड़ रुपये का निवेश करने की उम्मीद है। जिससे 334 लाख मीट्रिक टन कृषि उत्पादन होगा जिसका मूल्य 1,04,125 करोड़ रुपये है। इस योजना से 20 लाख किसानों को लाभान्वित करते हुए वर्ष 2019-20 तक देश में 5,30,500 direct / indirect रोजगार पैदा हो जायेंगे।

PM किसान संपदा योजना के तहत निम्नलिखित योजनाएं लागू की जाएंगी:

कृषि उपज का उचित मूल्य दिलाने हेतु National Agriculture Market (eNAM) एक आधुनिक मंडी प्रोसैस है जिसके तहत मार्च 2018 तक देश भर में 585 मंडियों के एकीकरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है साथ ही 415 मंडियों को e-NAM प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।

प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना – महत्वपूर्ण बातें

  • केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017-18 में चौथे अग्रिम अनुमान के अनुसार खाद्यान उत्पादन 284.83 मैट्रिक टन हुआ है जबकि वर्ष 2010-14 का औसत उत्पादन 255.59 मैट्रिक टन था।
  • दलहन के क्षेत्र में भी औसत उत्पादन में 40% की वृद्धि दर्ज करते हुए वर्ष 2010-14 के 18.01 मैट्रिक टन के औसत उत्पादन से बढ़ कर वर्ष 2017-18 में चौथे अग्रिम अनुमान के अनुसार दलहन का उत्पादन 25.23 मैट्रिक टन हो गया।
  • बागवानी के क्षेत्र में 15.79% की वृद्धि दर्ज हुई है। नीली क्रांति के तहत मछ्ली पालन के क्षेत्र में 26.86% वृद्धि एवं पशु पालन व दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में 23.80% की वृद्धि दर्ज की गई।
  • खेती की ज़मीन पर वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने के लिए ‘हर मेड़ पर पेड़’ योजना वर्ष 2016-17 में शुरू की गयी, जिसके तहत वर्ष 2018-19 के बजट में 1290 करोड़ रूपए की राशि से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना तथा राष्ट्रीय बांस मिशन को नए अवतार में प्रारंभ किया गया।
  • कृषि लागत में कटौती के लिए सॉइल हेल्थ कार्ड (Soil Health Card) व नीम लेपित यूरिया के इस्तेमाल और हर बूंद से ज्यादा फसल संबंधी योजनाओं का सफल इम्प्लीमेंटेशन किया जा रहा है।
  • जैविक खेती (Organic farming) पर व्यापक नीति के अंतर्गत पहली बार सरकार ने वर्ष 2014-15 में देश में जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु परम्परागत कृषि विकास योजना (PKVY) शुरू की। जिसके तहत 11,891 क्लस्टरो का गठन किया गया एवं जैविक मूल्य श्रृंखला विकास मिशन के अंतर्गत 2,464 किसान हितधारक समूहों (Farmer’s Interest Groups – FIGs) का गठन किया गया।
  • कृषि के आधुनिकरण के क्षेत्र में भी 174% की वृद्धि दर्ज करते हुए 2010-14 में 10,12,904 वितरित मशीनों के विपरीत 27,79,184 मशीनें वितरित की गई है।

इस योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप इसकी आधिकारिक वेबसाइट mofpi.nic.in पर जा सकते है या फिर नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक करके PDF फाइल डाउनलोड कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना PDF

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